मानसून का मौसम किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आता है। जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है, उनके लिए मूंग की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। मूंग एक दलहनी फसल है, जो कम पानी में अच्छी पैदावार देती है और केवल 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है। यही कारण है कि आज कई किसान पारंपरिक फसलों के बजाय मूंग की खेती को अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
एक एकड़ में मूंग की खेती करने के लिए लगभग ₹10,000 से ₹12,000 तक का खर्च आता है। यदि खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए और मौसम अनुकूल रहे तो किसान आसानी से 40 से 50 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं। यही वजह है कि यह फसल छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी लाभदायक मानी जाती है।
अधिक उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों का चयन बेहद जरूरी है। किसान निम्नलिखित किस्मों की बुवाई कर सकते हैं:
खरीफ मौसम में मूंग की बुवाई जून से जुलाई के बीच करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके पाटा लगाएं ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए।
बीज की मात्रा: 8 से 10 किलोग्राम प्रति एकड़
कतार से कतार की दूरी: 30 सेंटीमीटर
पौधे से पौधे की दूरी: 10 सेंटीमीटर
बीज उपचार: बुवाई से पहले फफूंदनाशक एवं राइजोबियम कल्चर से उपचार करें।
अच्छी पैदावार के लिए अपनाएं ये उपाय
खेत में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था रखें।
खरपतवार नियंत्रण समय पर करें।
आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें।
फूल आने के समय पोषक तत्वों का छिड़काव करें।
पीला मोजेक रोग और कीटों की नियमित निगरानी करें।
उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर एक एकड़ से 5 से 8 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। बाजार में मूंग की अच्छी कीमत मिलने पर किसानों को ₹40,000 से ₹50,000 तक का शुद्ध लाभ मिल सकता है।
अगर आप कम लागत में जल्दी तैयार होने वाली और अच्छा मुनाफा देने वाली फसल की तलाश कर रहे हैं, तो मूंग की खेती एक शानदार विकल्प है। मानसून के मौसम में सही किस्म, संतुलित उर्वरक और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके किसान कम समय में अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।

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