रात का समय था आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को अपनी खूबसूरती में भिगो रही थी ठंडी हवा खिड़कियों से टकराकर कमरे में एक अलग ही सुकून भर रही थी सड़क पर दूर-दूर तक पीली रोशनी में गिरती बारिश की बूंदें किसी फिल्मी दृश्य जैसी लग रही थीं ऐसे ही खूबसूरत मौसम में अरुण और शृष्टिका एक-दूसरे के साथ बैठे थे
बालकनी में रखी दो कुर्सियों पर दोनों चुपचाप बैठे बारिश को देख रहे थे सामने रखी गर्म चाय की प्याली से उठती भाप और मिट्टी की खुशबू माहौल को और भी खास बना रही थी। शृष्टिका के चेहरे पर गिरती बारिश की हल्की फुहारें उसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही थीं। अरुण बस उसे देखे जा रहा था, जैसे उस पल में दुनिया की सारी खुशियां उसे मिल गई हों
शृष्टिका ने मुस्कुराते हुए पूछा क्या देख रहे हो इतनी देर से अरुण हल्का सा मुस्कुराया और बोला बारिश तो खूबसूरत है लेकिन तुमसे ज्यादा नहीं
यह सुनकर शृष्टिका की आंखों में चमक आ गई उसके गालों पर हल्की सी शर्म की लाली उतर आई उसने नजरें झुका लीं लेकिन उसके चेहरे की मुस्कान सब कुछ कह रही थी बारिश की बूंदें तेज होने लगीं और हवा में ठंडक बढ़ गई तभी बिजली चमकी और शृष्टिका हल्का सा डरकर अरुण के करीब आ गई
अरुण ने धीरे से उसका हाथ थाम लिया उस में अपनापन था प्यार था और एक ऐसा एहसास था जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं था दोनों कुछ देर तक बिना कुछ बोले बस उस पल को महसूस करते रहे कभी बारिश की आवाज सुनते कभी एक-दूसरे की धड़कनों को थोड़ी देर बाद अरुण ने कहा जानती हो मुझे बारिश इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें तुम्हारा साथ और भी खूबसूरत लगता है हर बूंद जैसे हमारे प्यार की कहानी कहती है।
शृष्टिका ने उसकी तरफ देखा और धीरे से बोली अगर साथ तुम्हारा हो तो हर मौसम खूबसूरत लगता है। चाहे धूप हो या बारिश मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे साथ सुकून पाता है
उनकी बातें रात को और भी हसीन बना रही थीं दूर कहीं धीमी संगीत की आवाज आ रही थी और बारिश की बूंदें उस संगीत में अपना सुर मिला रही थीं अरुण ने धीरे से शृष्टिका को अपनी बाहों में भर लिया उस पल में ना कोई जल्दी थी ना कोई चिंता—बस प्यार था एहसास था और दो दिलों की खामोश मोहब्बत थी
रात गहराती गई लेकिन उनके दिलों में प्यार की गर्माहट बढ़ती गई बारिश अब भी हो रही थी लेकिन उस ठंडी रात में उनका प्यार एक गर्म रोशनी की तरह चमक रहा था
कभी-कभी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल बहुत साधारण होते हैं
एक बारिश भरी रात एक कप चाय, कुछ खामोश बातें और किसी खास का साथ अरुण और शृष्टिका के लिए वह रात सिर्फ एक बारिश वाली रात नहीं थी
बल्कि उनकी मोहब्बत का सबसे खूबसूरत अध्याय बन गई—एक ऐसा अध्याय जिसे वे जिंदगी भर मुस्कुराकर याद करेंगे...

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