गंगा एक्सप्रेसवे ने 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में उद्घाटन के साथ उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर नक्शे बदल दिए हैं। यह 594 km लंबा, 6-लेन एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है और आगे हरिद्वार तक विस्तार की योजना है।
गंगा एक्सप्रेसवे मुख्य बातें
1. लंबाई और लगत लगभग 594 km लंबा यह कॉरिडोर 36,000-36,320 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
2. ज़िले और कनेक्टिविटी मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल बदायूं शाहजहांपुर हरदोई उन्नाव रायबरेली प्रतापगढ़ और प्रयागराज कुल 12 ज़िले इससे सीधे जुड़ गए हैं।
3. समय की बचत मेरठ से प्रयागराज का सफ़र जो पहले 10-12 घंटे लेता था, अब 6-7 घंटे में पूरा होगा। स्पीड लिमिट 120 kmph रखी गई है।
4. आर्थिक प्रभाव नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को तेज़ करेगा। 18 इंटरचेंज नोड्स के आस-पास 3 चरणों में विकास होगा - 5 km के दायरे में वेयरहाउसिंग, 5-20 km में इंडस्ट्रियल-रेजिडेंशियल, और 5-10 साल में बड़े स्केल पर लैंड एग्रीगेशन।
खास सुविधाएं
इमरजेंसी एयरस्ट्रिप "शाहजहांपुर के पास 3.5 km की हवाई पट्टी बनाई गई है जो IAF के फाइटर जेट्स जैसे राफेल सुखोई-30 MKI मिराज-2000 को दिन-रात लैंडिंग की सुविधा देती है। यह भारत की पहली ऐसी एक्सप्रेसवे एयरस्ट्रिप है।
टोल व्यवस्था
शुरुआत के 15 दिन तक यात्रा पूरी तरह टोल-फ्री रहेगी। बाद में दो टोल प्लाजा पर कुल Rs 1,500-1,800 तक का टोल लग सकता है। कारों के लिए Rs 2.55/km के हिसाब से लगभग Rs 1,515 एक तरफा का अनुमान है। फास्टैग चलेगा, लेकिन सालाना पास वैलिड नहीं होगा।
सुरक्षा
AI वाले कैमरे और 250भविष्य की योजना
गंगा एक्सप्रेसवे को अब हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा और यह आगरा-लखनऊ, जेवर लिंक, फर्रुखाबाद लिंक जैसे एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। PM मोदी ने इसे विकास का संगम बताया और कहा कि UP का विकास अब एक्सप्रेसवे से भी तेज़ है।
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि पूर्वी और पश्चिमी UP के बीच आर्थिक समस्या है। इसे 3.5 साल से कम समय में पूरा किया गया। लॉजिस्टिक्स हब इंडस्ट्रियल कॉरिडोरऔर किसानों की बाज़ार तक पहुँच सबको यह नई रफ़्तार देगा। उत्तर प्रदेश का यहग्रीनफील्ड कॉरिडोर वाकई नए भारत की पहचान बन रहा है।
+ CCTV से 24x7 निगरानी होगी। दो पहियों वाली गाड़ियों का प्रवेश वर्जित है।
किसान और व्यापार को फायदा.
PM मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे माँ गंगा के आशीर्वाद से बना है और काशी-संगम की यात्रा आसान करेगा। हरदोई का हैंडलूम उन्नाव का चमड़ा प्रतापगढ़ का आंवला अब तेज़ी से मार्केट पहुंच पाएंगे। CM योगी के हिसाब से 1 लाख से ज़्यादा किसानों ने 18,000 एकड़ ज़मीन दी और 27 इंडस्ट्रियल क्लस्टर लॉजिस्टिक्स हब बनेंगे। अनुमान है कि इससे 25,000-30,000 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स बचत होगी और अगले 10 साल में 3 लाख नौकरियां मिलेंगी।
भविष्य की योजना
गंगा एक्सप्रेसवे को अब हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा और यह आगरा-लखनऊ, जेवर लिंक, फर्रुखाबाद लिंक जैसे एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। PM मोदी ने इसे विकास का संगम बताया और कहा कि UP का विकास अब एक्सप्रेसवे से भी तेज़ है।
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि पूर्वी और पश्चिमी UP के बीच आर्थिक समस्या है। इसे 3.5 साल से कम समय में पूरा किया गया। लॉजिस्टिक्स हब इंडस्ट्रियल कॉरिडोरऔर किसानों की बाज़ार तक पहुँच सबको यह नई रफ़्तार देगा। उत्तर प्रदेश का यहग्रीनफील्ड कॉरिडोर वाकई नए भारत की पहचान बन रहा है।



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